देवरिया, जनवरी 24 -- देवरिया, निज संवाददाता। मेडिकल कालेज से लेकर सीएचसी, पीएचसी के इमरजेंसी, ओपीडी तथा एंबुलेंस के रजिस्टर से मिलान से एंबुलेंस से ढ़ोये फर्जी मरीजों की पोल खुलेगी। एंबुलेंस व इमरजेंसी के रजिस्टर में मरीजों का ब्योरा दर्ज होता है। एंबुलेंस कर्मियों पर सुबह 10 बजे से पहले 3-4 केस का दबाव रहता है। जिससे एंबुलेंस कर्मी आशा व परिचितों का नंबर डालकर फर्जी मरीज दिखाते हैं। हालांकि मरीजों के सत्यापन को महानिदेशक के पत्र के दो सप्ताह बाद भी जांच शुरू नहीं की गयी है। बीमारों,घायलों को समय से अस्पताल पहुंचाने को जिले में 108 के 38, 102 के 32 तथा एएलएस के 5 एंबुलेंस चलते हैं। वह 24 घंटे अस्पताल पहुंचाने को तैयार रहते हैं। इसका संचालन निजी कंपनी करती है। 108 एंबुलेंस को एक मरीज पर 33 सौ व 102 के प्रति मरीज पर 700 रूपये कंपनी को भुगता...
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