सिद्धार्थ, फरवरी 2 -- डुमरियागंज, हिन्दुस्तान संवाद। अल्लाह की इबादतों में इस बार तपिश की खलल नहीं होगी। करीब दो दशक बाद इस बार माह-ए-रमजान की शुरुआत बसंत ऋतु में हो रही है। इससे अकीदतमंदों को सहूलियत होगी। 22 वर्ष बाद ठंड में शुरू हो रहे रोजे को लेकर अकीदतमंदों में उत्साह है। गर्मी और अक्सर लगने वाली प्यास से बहुत हद तक राहत रहेगी। डुमरियागंज कस्बा सहित ग्रामीण अंचलों में रमजान माह को लेकर अभी से ही लोग तैयारियों में जुट गए हैं। डुमरियागंज क्षेत्र के बैदौला स्थित दारूल उलूम गरीब नवाज के सदर हाफिज मकसूद अकरम ने बताया कि करीब दो दशक बाद इस बार रोजा फरवरी माह में शुरू हो रहा। रोजेदारों को इस बार धूप से राहत मिलेगी, साथ ही सूरज की तपिश या उमस भरी गर्मी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिससे उन्हें रोजा रखने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि नए साल...
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