हरदोई, फरवरी 4 -- पिहानी। शबे बरात का त्यौहार पूरी शान-ओ-शौकत और दीनी जज्बे के साथ मनाया गया। गुनाहों से तौबा और रहमतों की इस रात में हर शख्स खुदा की बारगाह में दुआ मांगता नजर आया। कस्बे की छोटी-बड़ी मस्जिदें अकीदतमंदों से भर गईं। जामा मस्जिद और कटराबाजार, बस स्टैंड मस्जिदों में नमाज तिलावत और जिक्र व दुआ का एहतमाम किया गया। उलेमाओं ने इस रात का महत्व बताया। कब्रिस्तानों में कब्रों पर फातिहा पढ़ा गया। बिजली की झालरों से सजावट की गई। बारगाह-ए-इलाही में मुल्क की सलामती और भाईचारे के लिए की गई मखसूस दुआएं। कहीं कहीं घरों में हलवा और अन्य लजीज पकवानों पर फातिहा दिलाकर गरीबों में तकसीम किया गया। मौलाना उस्मान गनी मजाहिरी ने कहा कि यह रात अल्लाह की रहमतों का समंदर है। अकीदतमंदों ने जिस अनुशासन और अकीदत के साथ इबादत की, वह काबिले-तारीफ है।

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