सीवान, जनवरी 21 -- बहरहाल, जिले में प्राकृतिक खेती का विस्तार करते हुए भगवानपुरहाट, सिसवन, दरौली, रघुनाथपुर, बसंतपुर, गोरेयाकोठी, गुठनी, मैरवा, जीरादेई, हुसैनगंज व हसनपुरा में 1500 एकड़ जमीन प्राकृतिक खेती के तहत लाई गई है, जो रासायनिक खेती से अलग एक स्थायी तरीका है। यहां किसान खेती में देसी खाद जैसे कि गोबर की खाद, वर्मी कम्पोस्ट का प्रयोग कर रहे हैं। वहीं देसी किस्मों जैसे देसी गेहूं व सरसों की बुआई कर रहे हैं, ताकि जमीन की उर्वरता बनी रहे। एक किसान अधिकतम दो एकड़ में प्राकृतिक खेती करने में जुटे हैं। जिला कृषि कार्यालय के अनुसार, जिले के गुठनी प्रखंड के चिताखाल पंचायत के ग्राम दमोदरा में कृषि सखी द्वारा प्राकृतिक खेती जागरुकता अभियान चलाया गया। कृषि स्वयं सहायक समूह के तहत कार्यरत महिला किसान दीदियां जीवामृत व बीजामृत के बारे में लोगों...