जमशेदपुर, दिसम्बर 16 -- इन्कैब इंडस्ट्री के अधिग्रहण की प्रक्रिया एनसीएलटी के फैसले के आधार पर आगे बढ़ रही है। इसी बीच इस फैसले को एनसीएलएटी में चुनौती देने के लिए केबुल संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों का एक वर्ग सक्रिय है। दूसरी ओर कंपनी की मान्यता प्राप्त यूनियन इंडियन केबुल वर्कर्स यूनियन खुलकर अधिग्रहण प्रक्रिया और कंपनी के पुनः संचालन के पक्ष में सामने आ गई है। यूनियन के महासचिव रामविनोद सिंह ने कहा कि यूनियन की पहली प्राथमिकता कंपनी का खुलना है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वेदांता के अधिग्रहण से एक उम्मीद जगी है। पिछले करीब 25 वर्षों से कर्मचारी संघर्ष कर रहे हैं। वेदांता ने अपनी पुनरुद्धार योजना में कर्मचारियों के पीएफ और ग्रेच्युटी का शत प्रतिशत भुगतान करने की बात स्पष्ट रूप से कही है। साथ ही यह भी आश्वासन दिया है कि यदि ए...