बिहारशरीफ, सितम्बर 15 -- बिहारशरीफ। नालंदा जिले में पिछले तीन महीने में ट्रेन की चपेट में आने से 14 लोगों की मौत हुई है। इनमें से आधे से अधिक लोग 50 साल से अधिक उम्र के थे। मुख्य रूप से लापरवाही के कारण ही लोगों की जानें गयी हैं। चलती ट्रेन पर चढ़ने-उतरने के दौरान भी हादसे हुए हैं। बारिश के दिनों में ग्रामीण इलाकों में लोग आवाजाही के लिए रेल की पटरियों का इस्तेमाल करते हैं। इनसे भी हादसे होते हैं। इनमें से एक मामला आत्महत्या का भी है। वहीं, एक मामले में हत्या का भी आरोप लगाया गया है। हाल के दिनों में ऐसा मामला नहीं आया है कि हत्या के बाद ट्रेन से कटकर मौत दिखाया गया हो। अस्थावां थाना क्षेत्र में 21 जुलाई को रेलवे ट्रैक के पास ओंदा गांव के एक किशोर की लाश मिली थी। उस समय ठनका से मौत होने की आशंका जतायी गयी थी। बाद में परिजनों ने हत्या का आ...
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