वाराणसी, सितम्बर 7 -- रामनगर (रामनगर), संवाददाता। ख्याति प्राप्त रामलीला के इतिहास में रविवार का दिन खास रहा। यह अब तक का तीसरा अवसर रहा जब नियत तिथि पर रामजन्म की लीला नहीं हुई। रविवार को लीला का दूसरा दिन था किंतु चंद्रग्रहण के कारण प्रथम दिन हुई क्षीरसागर लीला की ही आरती कराई गई। रामलीला अधिकारी डॉ. जय प्रकाश पाठक के अनुसार प्रकाशित रामलीला की सारिणी में भी इसका जिक्र है। उसके अनुसार 1997 एवं 1931 में भी चंद्रग्रहण लगा था। महाराज प्रभु नारायण सिंह बहादुर द्वारा निर्मित परंपरा के अनुपालन में इस वर्ष भी श्रीरामचंद्र के जन्म की लीला चंद्रग्रहण के कारण एक दिन बाद आश्विन कृष्ण प्रतिपदा को होगी। महाराजा उदित नारायण सिंह मानस प्रचार निधि ट्रस्ट के अनुसार 1931 में प्रभु नारायण सिंह ने यह विधान तय किया था। रविवार को दिन में ढाई बजे आरती लेने वा...