इटावा औरैया, अप्रैल 14 -- उसे खुद को चलने के लिए कंधों की जरूरत है, पर लाचारियां उसे अपनी बीमार पत्नी को गोद में उठाने के लिए मजबूर कर रही हैं। जिस अस्पताल को वह मंदिर और डॉक्टरों को भगवान मानता है, उन्हीं लोगों ने उसकी तरफ मदद का हाथ बढ़ाना तो दूर, उसकी तरफ नजर उठाकर भी नहीं देखा। मामला इटावा के जिला अस्पताल का है। सोमवार की सुबह उदी गांव के रहने 74 वर्षीय जगदीश 71 वर्षीय पत्नी लाली को लेकर उदी सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचे थे। वृद्ध लाली पहले से ही पैरालिसिस की समस्या से जूझ रही है । रविवार की रात उन्हें डायरिया हुआ था और दस्त बंद नहीं हो रहे थे। इससे परेशान होकर जब वह सीएचसी पर पहुंचे तो वहां पर मौजूद डाक्टर ने इलाज करना तो दूर तुरंत ही जिला अस्पताल ले जाने के लिए कहा। उन्होंने स्टाफ से एंबुलेंस बुलाने को कहा तो वे टाल गए और फोन तक नहीं...
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