इटावा औरैया, नवम्बर 15 -- इटावा, संवाददाता। 1108 कुंडीय मृत्युंजय मां पीतांबरा महायज्ञ के आठवें दिन इस पावन अनुष्ठान का एक और दिव्य दिवस अपने सम्पूर्ण वैदिक सौंदर्य के साथ पूर्ण हुआ। शनिवार को भी तीनों पालियों का हवन विधिवत संपन्न हुआ। मंत्रों की गंभीर अनुगूंज, अग्नि की स्वर्णिम लपटें, आचार्यों का सामूहिक स्वाहा-स्वर और यजमानों की श्रद्धा से भरी आहुतियां सम्पूर्ण इष्टिकापुरी आज भी उसी दिव्यता में डूबी रही, जिसमें यह महायज्ञ प्रारंभ हुआ था। 16 नवंबर रविवार को पूर्णाहुति का दिन है, जिसकी विशेष महिमा है और जो लोग अब तक हवन करने नहीं आ पाए, वे भी पूर्णाहुति डालकर अपने जीवन को धन्य बनाने का पुण्य लाभ कमाएंगे। 7 नवंबर को प्रायश्चित कर्म और नांदीमुख श्राद्ध जैसे संस्कारों के साथ यह महामहोत्सव प्रारंभ हुआ था वह केवल एक अनुष्ठान का आरंभ नहीं था, ब...
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