इटावा औरैया, जनवरी 31 -- सेंचुरी क्षेत्र में जगह- जगह लकड़हारे लकड़ी का कटान करवा रहे है। लकड़ी माफिया पकड़े जाने पर किसान की लकड़ी बताते है जरूरत पड़ने पर किसान के खेत का इंतखाब भी दिखा देते है लेकिन यदि आप खेत से सटे बीहड में जाकर देखे तो जंगल भी कटे है। गांव वाले दबी जुबान बताते है कि लकड़ी माफिया पुलिस व सेंचुरी विभाग की टीम से मिलकर काम करते है, ये माफिया किसान की लकड़ी तो खरीदते है उसमें बीहड़ की लकड़ी भी मिलाकर अपनी गाड़ी का वजन करते है। नाम न छापने की शर्त पर एक लकड़ी माफिया ने बताया कि पुलिस व सेंचुरी विभाग का खर्चा ज्यादा है इसलिए यदि बीहड़ से लकड़ी नही कटवाएंगे तो हम लोगो को कुछ नही मिलेगा। जबकि बिलायती बबूल व देसी बबूल की लकड़ी छूट प्रजाति में आती है इसे किसान स्वयं कटवाकर अपने खेत साफ़ करवा सकता है। लेकिन किसान लकड़ी नही कटवा पा रहे है यहां त...