इटावा औरैया, फरवरी 5 -- संकट मोचन हनुमान मंदिर पर चल रही श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को व्यास राहुल त्रिपाठी ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। व्यास ने कहा कि कृष्ण जी की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन के लिए नहीं बल्कि उनसे जीवन प्रबंधन, साहस, नैतिकता, प्रेम व कर्म योग आदि की शिक्षा मिलती है। बड़े-बड़े राक्षसों मायावियों का वध व कालिया नाग मर्दन जैसी लीलाएं साहसी व निर्भीक बनने की राह दिखाती है। श्री कृष्ण की चर्चा करते हुए कहा कि 14 विद्याओं व 64 कलाओं के मर्मज्ञ होते हुए भी अपने गुरुजनों के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा व विनम्रता यही बताती है कि सफलता व विद्वत्ता के बाद भी सभी का यथायोग्य सम्मान अति आवश्यक है। उनकी मुस्कान कहती है कि विपत्तियों में भी धैर्य व दृढ़ता के साथ मुस्कुराते हुए उनका सामना करना चाहिए। गोवर्धन लीला, इ...