इटावा औरैया, फरवरी 13 -- करनपुरा में शादी वाले घर में हुए खूनी संघर्ष के मामले में मृतक उमेश चंद्र बाथम के बेटे सोनू ने बताया कि आरोपी मामा प्रेम सिंह का परिवार में आना-जाना नहीं था और उन्हें कई वर्षों बाद शादी में बुलाया गया था। मामा प्रेम सिंह को पहले किसी पारिवारिक काम में नहीं बुलाया जाता था। कई साल बाद बहन काव्या की शादी में उन्हें निमंत्रण दिया गया था। इसी बात को लेकर उन्होंने शराब के नशे में विवाद शुरू किया और जानलेवा हमला कर दिया। बुधवार रात बारात आने से पहले घर में कुछ लोग बैठे थे। इसी दौरान शराब पीने के बाद कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि प्रेम सिंह ने घर में रखी लोहे की खुरपी और सब्जी बनाने वाले झाबा से उमेश चंद्र, पिंकू और गुड्डू पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। जि...