इटावा औरैया, फरवरी 3 -- साम्हों । मंगलवार को इस्लामी आठवें महीने शाबान के चांद की 14 तारीख को सुबह से ही लोग शब-ए-बरआत की तैयारियों में जुटे रहे। कब्रिस्तान से लेकर मस्जिद और मदरसे में जलसों का आयोजन हुआ। लोगों ने कब्रिस्तानों में जाकर अपने पुरखों की कब्रों को ठीक कर रंगाई पुताई की। सुबह से ही कुछ लोगों ने अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाकर इबादत करना शुरू कर दिया। यह सिलसिला सुबह फज्र की नमाज तक चलता रहा। सामाजिक कार्यकर्ता हाजी हारून मुशानी, हनीफ फारूकी, रशीद खान उर्फ विक्की, रहीश अन्ना, मुज़ीब सिद्दीकी, वकील उर्फ लारा, जावेद खान उर्फ रिंकू, कुर्बान, रशीद अल्वी आदि थे।
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