इटावा औरैया, अक्टूबर 11 -- कस्बा में चल रही रामलीला में पंचम दिवस राम केवट के मार्मिक संवाद ने सभी को भाव विभोर कर दिया। आयोजन का शुभारंभ विधायक प्रतिनिधि ध्रुव यादव ने किया। राम वनवास के दौरान जब प्रभु श्री राम, मां जानकी, भाई लक्ष्मण के साथ जब वन में पहुंचते हैं तो वहां उनकी मुलाकात निषाद राज से होती है। तो मंत्री सुमंत्र को समझाकर वापस भेज देते हैं और खुद गंगा के किनारे पहुंचे। वहाँ केवट से पार जाने के लिए नाव मांगते है, लेकिन केवट नाव लेकर नहीं आता है और कहता है हमें आप का भेद मालूम है। केवट कहता है जौं प्रभु पार अवसि गा चहहू, मोहि पद पदमु पखारन कहहू, केवट कहता है जिसके पैर लगने से पत्थर नारी बन जाती है उससे उसकी नाव कैसे बचेगी इसलिए वह पहले पूरे परिवार सहित पैरो को धोएगा फिर गंगा पार कराएगा क्योकि इसी नाव से वह अपने परिवार का पालन पो...
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