इटावा औरैया, फरवरी 21 -- नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी एवं ऐतिहासिक मैदानी रामलीला में वर्षों तक सुपर्णखा की भूमिका निभाने वाले सरस जैन का सैफई में उपचार के दौरान निधन हो गया। वह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही नगर व जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई। 77 वर्षीय स्वर्गीय सरस जैन सामाजिक व धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहते थे। रामलीला मंचन में उनके द्वारा निभाया गया सुपर्णखा का पात्र दर्शकों के बीच आज भी विशेष पहचान रखता था। उनकी सशक्त संवाद अदायगी और प्रभावशाली मंच उपस्थिति को वर्षों तक सराहा गया। वे सरल, मिलनसार और सहयोगी स्वभाव के धनी थे। रामलीला समिति के प्रबंधक राजीव गुप्ता बबलू, उप प्रबंधक ठाकुर अजेंद्र सिंह गौर सहित विभिन्न संगठनों व नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त कर दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की है...