इटावा औरैया, मई 4 -- श्रीकृष्ण ने समूचे संसार को अभिमान के जहर से बचाने से बचाने के लिए कालिया मर्दन लीला की थी। यह नाग रूपी अहंकार हम सभी के मन में विराजमान है, इस अहंकार रूपी नाग को अपने अंतर्मन से निकालने के लिए भगवान श्री कृष्ण की शरण में जाना होगा। यह उद्गार क्षेत्र में गांव दिलीप नगर में जारी श्रीमद्भागवत कथा में व्यासपीठ पर विराजमान कानपुर के भागवत भ्रमर सुदर्शनाचार्य महाराज ने कथा श्रवण कराते हुए प्रकट किए इसके उपरांत उन्होंने गोवर्धन लीला श्रवण कराकर इंद्र का अभियान चूर करने की लीला बताई। महंत अणेश्वरगिरी महाराज लाल बाबा की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर तीसरी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन इस गांव में कालेश्वर महादेव मंदिर पर किया जा रह.
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