इटावा औरैया, जुलाई 22 -- बिजली का निजीकरण किए जाने के विरोध में इंजीनियरों व कर्मचारियों के आंदोलन में सोमवार को अधीक्षण अभियंता के कार्यालय परिसर में धरना दिया गया। बिजली का निजीकरण न करने की मांग की गई। बिजली कर्मचारियों के नेताओं ने कहा बिजली का निजीकरण ना तो उपभोक्ता के हित में है और ना कर्मचारियों के हित में है। इस निजीकरण से सरकार को राजस्व का घाटा भी होगा जिससे सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। इसके बाद भी निजीकरण किया जा रहा है। बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बिजली का निजीकरण नहीं किया जाए। यह भी कहा कि बिजली विभाग बेहतर तरीके से कम कर रहा है और महाकुंभ में निर्वाध सप्लाई देकर इस बात को साबित किया जा चुका है। धरना प्रदर्शन करने उप खंड अधिकारी गगन अग्निहोत्री, अरविंद कुमार, रतन भूषण आदि शामिल रहे।
हिंदी हिन्द...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.