इटावा औरैया, फरवरी 19 -- हैवरा कोठी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन आध्यात्मिक चेतना और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास परम पूज्य भागवताचार्य स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने गोवर्धन पूजा, कालिया नाग दमन और छप्पन भोग प्रसंग का गूढ़ व तत्वज्ञान से परिपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, प्रकृति संरक्षण और आंतरिक शुद्धि का संदेश दिया। स्वामी ने कहा कि गोवर्धन लीला केवल एक चमत्कारी घटना नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आभार और अहंकार के त्याग का दिव्य प्रतीक है। जब इंद्र के अभिमान से ब्रज में भीषण वर्षा हुई, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पर गोवर्धन पर्वत धारण कर यह सिद्ध किया कि सच्ची शक्ति विनम्रता और धर्म में निहित है। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा हमें गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक एकता का संदेश देती है। का...