इटावा औरैया, जनवरी 16 -- सातवें इमाम मूसा काज़िम की शहादत और मोहसिन ए इस्लाम हज़रत अबू तालिब की शबे वफ़ात पर सफीर हैदर की ओर से पक्की सराये स्थित बड़े इमामबाड़े में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में तक़रीर करते हुए मौलाना अनवारुल हसन जैदी इमामे जुमा इटावा ने कहा अल्लाह एहसान करने वालों को पसंद करता है। इमाम फरमाते हैं इंसान अपने को गुस्से से रोके क्योंकि गुस्से का अंत शर्मिंदगी से होता है। गुस्सा हर बुराई की चाबी है। गुस्सा ईमान को खराब करता है। इंसान को गुस्से से परहेज कर सब्र का दामन थामे। जनाबे अबू तालिब ने दीन पर बहुत अहसान किये और अपने भतीजे रसूल अल्लाह की अपनी जिंदगी की आखरी सांस तक परवरिश की। अल्लाह ने इसके बदले जनाबे अबू तालिब की नस्ल को इमाम मेंहदी की शक्ल में कयामत तक कायम रखा। सच बोलना, जुल्म न करना, जिंदगी गुजारने में फिजूल खर...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.