चतरा, फरवरी 21 -- इटखोरी, प्रतिनिधि। तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव के दूसरे दिन पद्मश्री कैलाश खेर ने अपने अद्भुत गीतों के साथ समा बांध दिया। कैलाश खेर ने अपनी शब्दों व धुनों को पिरोकर आस्था और प्रेम के साथ अपनी पॉपलर भक्ति गीत "बगड़ बम-बगड़ बम-बम लहरी "पर दर्शकों को भक्ति रस के सागर में डुबो दिया । इसके पर उन्होंने आवो जी, बाहुबली के जय जयकारा, तेरी दीवानी के बाद सुपर डुपर हिट गानों पर इटखोरी वासियों को झुमाया फिर सैंया..., कौन है वो कौन है वो..., ए री सखी मंगल गाओ रे,टूटा टूटा एक परिंदा,अल्लाह के बन्दे हस दे, बबम बम लहरी पर झुमाया आदि योगी. जैसे "भावपूर्ण और आध्यात्मिक" गीतों से फिजा में भक्ति और सूफी रंग घोले। इस दौरान कैलाश खेर ने मंच से सम्बोधन कर कहा कि एक बार हम माता का पूजा अर्चना कर चुके है लेकिन बिना कैलाशा बैंड के तभी माँ से न...
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