संभल, फरवरी 23 -- नगर पंचायत सिरसी के ईमाम बारगाह मोहल्ला शर्की में एक मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें मरसिया खावर रजा और उनके साथियों ने पढ़ा। जबकि दिल्ली से आये मौलाना मो रजा रिजवी ने मजलिस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर इंसान दुनिया मे आया है जीने के लिए और वह ज्यादा से ज्यादा जीना चाहता है, लेकिन असली जीना वो है जो मर कर भी जिन्दा रहे। हमें ऐसे कार्य करने चाहिए जिससे हम मर कर भी जिन्दा रहे। हजरत ईमाम हुसैन अलैहे ने चौधह सौ साल पहले कर्बला के मैदान में अपनी शहादत दी थी, लेकिन आज भी पूरी दुनिया में हजरत ईमाम हुसैन अलैहे की अज़ादारी और जुलूस निकालती है। मौलाना ने रसूल अलैहे की बेटी शहज़ादी फातिमा की मुसीबत बयान की जिसको सुनकर लोग रोने लगे। इस अवसर पर नसीम हैदर, रज़िउल हसन, खुर्शीद हैदर, बबन, शाने हैदर, मोहम्मद हैदर, मंजर अब्बास, हैदर अब...
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