खगडि़या, जनवरी 29 -- खगड़ियाउ । नगर संवाददाता सदर प्रखंड के गंगौर में आयोजित सात दिवसीय श्री मद भावगत कथा ज्ञान यज्ञ के मौके पर बुधवार को रुक्मीणि विवाह व कंस वध का प्रसंग सुनाया गया। गंगौर के मां सती स्थान पथ में निर्मला देवी के सौजन्य से भागवत कथा का आयोजन कराया जा रहा है। इस दौरान कथावाचक श्रीधाम वृंदावन के पंडित श्री रामदेव चतुर्वेदी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते कहा कि भगवान श्री कृष्ण का लीला अपरंपार है। महारास कोई विषय का विषय नहीं है। आत्मा व परमात्मा के मिलन को महारास कहा है। महारास भगवान ने काम विजय के लिए किया था। जितनी भी वेद की रिचाएं, दंडक वन की ऋषियां, जनकपुर की सखियां गोपी रूप में आई थी। उन सभी आत्मा को परमात्मा कृष्ण से मिलकर तृप्ति पाई। माखन चोरी "संत हृदय नवनीत समाना" संतो का हृदय ही नवनीत है। गोपी में गो का अर्...
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