नई दिल्ली, जनवरी 6 -- मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों पर गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि स्वच्छ पानी हर नागरिक का मौलिक अधिकार है और ऐसे मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को 15 जनवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होने का आदेश दिया है और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। अदालत ने मौतों के आंकड़ों में अंतर पर हैरानी जताई। साथ ही चेतावनी दी कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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