इंदौर, जनवरी 31 -- इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में नगर निगम की लापरवाही से बह रहा ज़हरीला पानी अब 31 जिंदगियों को निगल चुका है। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी की सांसें थम गईं। बीते एक महीने से मौत से जूझ रहे बुजुर्ग की हार सिर्फ एक शरीर की हार नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम की नाकामी का सबूत है जिसने समय रहते जहर बन चुके पानी की सप्लाई रोकना जरूरी नहीं समझा। विडंबना यह कि एकनाथ सूर्यवंशी वही शख्स थे, जिन्होंने जल संसाधन विभाग में दैनिक वेतनभोगी के रूप में अपनी उम्र खपा दी, लेकिन जीवन भर पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों और अदालतों की धूल फांकते रहे। अंत में वही व्यवस्था उन्हें वेंटिलेटर तक पहुंचाकर भी नहीं बचा सकी। यह मौत हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक बेरहमी से की गई एक और संस्थागत हत्या है। 29 दिसंबर 2025 को उल्टी-दस्त की शिकायत...