नई दिल्ली, दिसम्बर 10 -- श्रीनाथ श्रीधरन,लेखक व स्तंभकार बड़ी कंपनियां सिर्फ मुनाफे के लिए ही नहीं, बल्कि कारोबार को निरंतर जारी रखने के लिए भी चलाई जाती हैं। ऐसे में, जब राष्ट्रीय वायुमार्ग पर दबदबा रखने वाली कोई विमानन कंपनी सिस्टम में खराबी का शिकार बनती है, तो उसके परिचालन संबंधी पहलुओं से आगे जाकर भी सवाल पूछे जाने चाहिए, खासकर बोर्ड की जवाबदेही को लेकर प्रश्न पूछे ही जाने चाहिए। यह सच है कि बोर्ड किसी कारोबार के दिन-प्रतिदिन के क्रिया-कलाप में हस्तक्षेप नहीं करते, लेकिन इंडिगो के मामले में बोर्ड की भूमिका जांच से परे नहीं है। विमानन कंपनियों को नए सुरक्षा नियमों के बारे में काफी पहले बता दिया गया था। कुशल कर्मचारियों की कमी का असर साफ था। सॉफ्टवेयर में बदलाव भी पहले से तय थे। शादी के मौसम की गहमागहमी का अंदाजा भी लगाया जा सकता था। य...
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