जमुई, जनवरी 8 -- बरहट। निज संवाददाता 2 फरवरी से सूबे में इंटरमीडिएट परीक्षा शुरू है। इस परीक्षा में जिले के हजारों परीक्षार्थी शामिल होंगे। किंतु दुर्भाग्य इतना कि आज भी कई स्कूलों में विज्ञान विषय की पढाई अधूरी है। इस स्थिति में बच्चे कैसे परीक्षा देंगे सोचने वाली बात है। हालांकि इससे जिम्मेदार के चेहरे पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। अब जिला प्रशासन भी परीक्षा की तैयारी में जूट गई है। एक उदाहरण प्लस टू उच्च विद्यालय मलयपुर में भी देखा जा सकता है जिससे सरकारी शिक्षा व्यवस्था की असली तस्वीर उजागर होती है। प्लस टू उच्च विद्यालय मलयपुर में पढ़ रहे कक्षा 12 वीं के 240 छात्र-छात्राएं बिना पढ़ाई के परीक्षा देने को मजबूर हैं। विद्यालय में विषयवार शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्रों में भय और अनिश्चितता का माहौल है। विज्ञान और कला संकाय में नामांकित 24...
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