मुंगेर, फरवरी 7 -- मुंगेर, एक संवाददाता। जिले में इस वर्ष आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए शिक्षा विभाग द्वारा लिया गया निर्णय शैक्षणिक व्यवस्था पर भारी पड़ता नजर आ रहा है। इस बार परीक्षा ड्यूटी में हाई स्कूल एवं प्लस टू विद्यालयों के शिक्षकों को नहीं लगाया गया है, जबकि वर्ग 1 से 8 तक के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के शिक्षकों को बड़ी संख्या में परीक्षा कार्य में प्रतिनियुक्त किया गया है। विभाग के इस फैसले से शिक्षा व्यवस्था को दोतरफा नुकसान हो रहा है। शिक्षा विभाग के यदि यही नीति मैट्रिक परीक्षा में भी लागू रही तो लगभग एक महीने तक शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होती रहेगी। स्कूलों में शिक्षकों की कमी: शिक्षकों की कमी के बीच परीक्षा ड्यूटी में प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के शिक्षकों की तैनाती से संबंधित स्कूलों में शिक्षकों की कमी उत्पन्न हो...