गोरखपुर, जुलाई 5 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस बार यह तिथि 10 जुलाई को आस्था व विश्वास के साथ मनाई जाएगी। इस दिन श्रीहरि विष्णु, देवी लक्ष्मी, चंद्रदेव एवं भगवान शिव का पूजन किया जाता है। मान्यता है कि इस दिन का पूजन का अक्षय फल मिलता है। इस दिन लोग अपने गुरुओं का विशेष रूप से सम्मान करते हैं। पं. नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि व्यास का जन्म इसी दिन हुआ था और उन्होंने पुराणों का लेखन भी इसी दिन प्रारंभ किया था। व्यासजी को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है इसलिए श्री हरि विष्णु के पूजन से व्यास की पूजा का समावेश हो जाता है। इस दिन कोकिला व्रत रखा जाता है। इस वर्ष इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग प्राप्त है। पं. शरद चंद्र मिश्र के अनुसार भगवान बुद्ध ने इस...
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