वाराणसी, मार्च 20 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। वह जन्म से ही ऑस्टियोजेनेसिस इम्परफेक्टा नामक दुर्लभ बीमारी से ग्रसित है। इस बीमारी के कारण उसके शरीर की हड्डियां अपने आप टूट जाती हैं। करीब 28 वर्ष के जीवनकाल में अब तक 120 बार से अधिक उसकी हड्डियां टूट चुकी हैं लेकिन हौसला नहीं। सेवाभाव कूट-कूट कर भरा है। बेसहारा जानवरों की देखभाल और उपचार को उसने जीवन का उद्देश्य बना लिया है। हम चर्चा कर रहे हैं शहर बनारस की रहने वाली युवती आस्था की। बीमारी के कारण आस्था का ज्यादातर समय बिस्तर पर ही बीतता है लेकिन उनकी चार सदस्यों वाली टीम हर कदम पर उनके साथ रहती है। आस्था ने बताया कि इस अभियान की शुरुआत 2013 में प्रयागराज कुम्भ के बाद हुई थी। कुम्भ से बनारस लौटी भीड़ के कारण स्ट्रीट डॉग्स में भय का माहौल था। उनके द्वारा लोगों को काटने की घटनाएं बढ़ने लगीं...
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