मुरादाबाद, दिसम्बर 23 -- मुरादाबाद। सिविल लाइन स्थित सेंट एंथोनी चर्च की स्थापना 1911 में पहली आराधना के साथ हुई। उस समय यह आगरा चर्च का एक हिस्सा था। बड़ी संख्या में विदेशी लोग यहां रेलवे में कार्यरत थे। उनकी आध्यात्मिक जरूरतों को भी यही चर्च पूरा किया करता था। इस चर्च की खास बात यह है कि इसके मुख्य द्वार से लगा ग्रोटो भी है। इस पर श्रद्धालु मोमबत्तियां जलाकर माता मरियम की अराधना करते और आशीष लेते हैं। यह जानकारी देते हुए फादर जॉन मनवालन ने बताया 1947 में भारत के आजाद होते समय अधिकांश विदेशी यहां से चले गए। बाद में यह चर्च एंग्लो इंडियन लोगों की आध्यात्मिक जरूरतों को पूरा करने लगा। उस समय इटेलियन फापूचन फादर चर्च और यहां रहने वाले लागों की देखरेख किया करते थे। 1953 में यहां के बच्चों की शिक्षा के लिए संधअन्ना संस्था की सिस्टरों को बुलाया...
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