नई दिल्ली, जून 19 -- वाइट हाउस में पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को डोनाल्ड ट्रंप ने जब लंच पर बुलाया, तो इस्लामाबाद की राजनीतिक और सैन्य गलियों में खुशी की लहर दौड़ गई। अमेरिका के राष्ट्रपति का ऐसा सत्कार पाकिस्तानी सेना के लिए 'इज्ज़त' का मामला बना और सरकारी मीडिया ने इसे एक कूटनीतिक जीत बताकर पेश किया। लेकिन क्या यह जीत वाकई इतनी बड़ी है? जानकार मानते हैं कि जहां पाकिस्तान को कुछ रणनीतिक बिंदुओं पर फायदा मिला है, वहीं इसके 'छिपे नुकसान' कहीं ज्यादा गहरे और खतरनाक हैं। ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान को फिर से "आतंकवाद के खिलाफ सहयोगी" के रूप में देख रहा है, जिसके बदले में पाकिस्तान की ओर से टैरिफ फ्री ट्रेड, रेयर अर्थ मिनरल्स और क्रिप्टो सेक्टर में सहयोग जैसे ऑफर सामने आए हैं।ट्रंप का मंच और नई शुरुआत का भ्रम दूसरी बार अमेरिकी सत्ता पान...
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