पीलीभीत, जुलाई 11 -- गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं भारतीय शिक्षण मण्डल के संयुक्त तत्वाधान में महाविद्यालय आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर व्यास पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान शिक्षकों को सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने कहा कि गुरु शिष्य परम्परा का प्रारंभ वैदिक काल माना जाता है। कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान का नाम नहीं बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिकता, जेवण मूल्यों, धर्म एवं व्यवहारिक ज्ञान का नाम है। मुख्य अतिथि विभाग संचालक ओमप्रकाश ने कहा कि आज के युग में गुरु की आवश्यकता उतनी ही है जितनी प्राचीनकाल में थी। जिला प्रचारक दुष्यंत ने कहा किआषाढ़ पूर्णिमा का दिन ज्ञान के प्रतीक महर्षि वेदव्यास जी को समर्पित है। शिक्षकों को सम्मान पट्टिका ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। डॉ. वीके शर्मा, डॉ. रेखा सिंह, डॉ. अरविन्द...
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