मुजफ्फरपुर, जनवरी 7 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। सर्द हवा व कनकनी में भी बेघर गरीबों को सड़क किनारे रात गुजारनी पड़ रही है। इनमें रिक्शा चालक, फुटपाथी दुकानदार, मजदूर व अन्य शामिल हैं। शहर में निगम की ओर से संचालित आश्रय स्थल में भी इनको जगह नहीं मिल पा रही है। कारण फाइलों में तो आश्रय स्थल में 10-10 बेड है पर हकीकत में इसकी संख्या वास्तविक से 30 फीसदी तक कम है। शहर के आठ आश्रय स्थलों में महज 105 बेड हैं। इसमें भी एक मात्र दोमंजिले 50 बेड की क्षमता वाले चंदवारा पानीकल चौक स्थित आश्रय स्थल को छोड़ दें तो शेष सात में 70 की जगह 55 बेड ही उपलब्ध हैं। नतीजतन कड़ाके की ठंड के बीच की बेघर गरीबों की संख्या के सामने बेड कम पड़ रहे हैं। दरअसल, 'दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन' के तहत नगर निगम के स्तर से बैरिया गोलंबर, रामदयालुन...
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