नैनीताल, जनवरी 9 -- नैनीताल, संवाददाता। आशा कार्यकत्री संगठन ने शुक्रवार को एसडीएम नवाजिश खलीक के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर चेताया कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई, तो उत्तर प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी आशा कार्यकत्रियों को आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। ज्ञापन में आशा कार्यकत्रियों ने 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुरूप आशा एवं आशा संगिनी को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी का दर्जा दिया जाने, आशाओं को 21 हजार और आशा संगिनी को 23 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने, ईपीएफ-ईएसआई और यात्रा भत्ता की सुविधा देने, सेवानिवृत्ति पर ग्रेच्युटी देने, 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 50 लाख रुपये तक का जीवन बीमा देने, आशा एवं आशा संगिनी के काम के घंटे और कार्य का निश्चित स्वरूप निर्धारित करने, 2019 ...