कौशाम्बी, दिसम्बर 28 -- सरायअकिल कस्बे में आयोजित हो रहे तीन दिवसीय लोकरंग महोत्सव के अंतिम दिन कलाकारों ने आल्टा व बिरहा गीत से श्रोताओं के बीच शमा बांध दिया। इसके बाद महाराजा भर्थरी नौटंकी की प्रस्तुति दर्शकों को रिझाती रही। कार्यक्रम का शानदार समापन होने पर लोक कलाकारों के चेहरे में खुशी देखने को मिली। सर्वस्व लोक कल्याण स्वैच्छिक संस्था एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली के सहयोग से तीन दिवसीय कार्यक्रम में कलाकारों ने लोककला के विभिन्न स्वरूपों को तीन दिवसीय कार्यक्रमो में पिरोते हुए मनोहारी प्रस्तुति से वाहवाही लूटी। अंतिम दिन रविवार को कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति सरस्वती लोक संगीत समिति फतेहपुर की लोकप्रिय आल्हा और बिरहा लोकगीत रही। प्रसिद्ध गायक देशराज पटारिया ने अपनी गायकी से दर्शकों का मन जीत लिया। दूसरी प्रस्तुति सर्वस...