सिद्धार्थ, दिसम्बर 23 -- सोहना। सर्दी के बढ़ते असर, कोहरे और अधिक नमी के चलते क्षेत्र में आलू की फसल पर झुलसा रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने आलू उत्पादक किसानों को समय रहते सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक का समय आलू की फसल के लिए बेहद संवेदनशील होता है। इस दौरान थोड़ी सी लापरवाही भी उत्पादन में भारी नुकसान का कारण बन सकती है। बताया कि कोहरा, पाला और खेत में अधिक नमी झुलसा रोग के फैलाव के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं। ऐसे में किसानों को चाहिए कि वे खेत में संतुलित नमी बनाए रखें और रोग की रोकथाम के लिए नियमित अंतराल पर फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें। उन्होंने किसानों से अपील की कि मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए बताए गए छिड़काव का...