हाथरस, फरवरी 2 -- हाथरस। विश्व के विशालतम राष्ट्र कि वित्त मंत्री सीतारमन ने अपना नौवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत किया है जो उनके लिए ऐतिहासिक है बजट में अनेक योजनाएं लुभावनी दिखी हैं जिसमे आम नागरिक को आंशिक अथवा तत्काल के लाभ तो हो सकता है परंतु यह योजनाएं बेरोजगारी एवं गरीबी दूर करने के लिए ना काफी हैं फ्री में दी गई योजनाएं क्रियाशीलता नहीं बढ़ाती हैं ,बिना क्रियाशीलता के आय का स्तर बढ़ाया जाना संभव नहीं है। रेवड़ी के रूप में दी जाने वाली योजनाएं एवं सुविधाओं से न केवल स्वामीनाथन अय्यर जैसे अर्थशास्त्री ही नहीं बल्कि अर्थशास्त्र को जानने वाले भी बेहद चिंतित हैं कि देश में गरीबी बड़ी है ,प्रति व्यक्ति आय का स्तर कम हुआ है । अपने ही लोग अपने ही देश में निवेश नहीं कर रहे हैं ।विदेशी कंपनियां का निवेश बहुत कम हो गया है। एफ.डी. आई. लगातार गिर ...