औरंगाबाद, जनवरी 16 -- मदनपुर प्रखंड में एक भी डिग्री कॉलेज नहीं होने से यहां के छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाना पड़ता है। सरकार द्वारा कई उच्च माध्यमिक विद्यालयों को उत्क्रमित कर प्लस टू बनाया गया है, जहां सैकड़ों छात्र इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी कर लेते हैं लेकिन बीए, बीएससी और अन्य उच्च शिक्षा के लिए उन्हें औरंगाबाद, शेरघाटी, गया सहित अन्य शहरों के कॉलेजों में दाखिला लेना पड़ता है। इससे छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता है और मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता है, जबकि समय की भी काफी क्षति होती है। प्रखंड में एक निजी संबद्ध कॉलेज है लेकिन उसे डिग्री पाठ्यक्रम की मान्यता नहीं मिली है। मदनपुर महाविद्यालय मदनपुर के प्राचार्य बलिक राज सिंह ने बताया कि डिग्री कॉलेज की मान्यता के लिए सरकार के सभी मानकों को पूरा किया गया है ...