नई दिल्ली, अक्टूबर 10 -- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नया रियल-टाइम चेक क्लीयरेंस सिस्टम, जो चेक के पैसे जमा होने में तेजी लाने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन तकनीकी गड़बड़ियों और बैंक कर्मचारियों के प्रशिक्षण की कमी की वजह से ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। इससे कई ग्राहकों को देरी का सामना करना पड़ रहा है।नई प्रक्रिया क्या थी? यह नई प्रणाली पुराने तरीके की जगह लेने के लिए लाई गई थी, जिसमें चेक के पैसे जमा होने में 1-2 कारोबारी दिन लगते थे। नए सिस्टम का लक्ष्य था कि चेक जमा करने के कुछ घंटों के भीतर ही पैसे ग्राहक के खाते में पहुंच जाएं। इसमें चेक की एक तस्वीर (इमेज) स्कैन करके सीधे एक केंद्रीय टीम के पास भेजी जाती है।मुख्य समस्याएं क्या हैं? ज्यादातर बैंकों को चेक की तस्वीरों की खराब क्वालिटी, स्कैन करने के अलग-अलग तरीके और कर्मचारियों के अ...
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