लखनऊ, फरवरी 9 -- लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्र निर्माता संघ ने आरबीआई द्वारा एमएसएमई को ऋण प्रक्रिया में सुधार का स्वागत किया है। संघ के महासचिव रितेश श्रीवास्तव ने बताया कि नए नियमों के तहत अब बैंकों को 20 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी भी प्रकार की प्रतिभूति (कोलैटरल) की आवश्यकता नहीं होगी। यह सुविधा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत वित्तपोषित इकाइयों पर भी समान रूप से लागू होगी। हालांकि, यह छूट केवल 20 लाख रुपये तक के ऋणों तक सीमित है, इससे अधिक राशि के लिए सुरक्षा जमा करना अनिवार्य रहेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे व्यवसायों के लिए पूंजी की राह आसान बनाना है। यदि यह योजना सही ढंग से लागू होती है, तो उद्यमियों को न केवल आसानी से ऋण मिलेगा, बल्कि ब्याज दरों में कमी और बाजार में बेहतर तरलता भ...