नई दिल्ली, जुलाई 2 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी उसी तरीके से देने के लिए नियम या दिशा-निर्देश जारी करे, जिस तरीके से सूचना मांगी गई है। अदालत ने साथ ही कहा कि उचित सुरक्षा उपाय भी सुनिश्चित किए जाएं। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी को तीन महीने के भीतर इस पर निर्णय लेने को कहा। यह आदेश आदित्य चौहान और अन्य व्यक्ति द्वारा दायर जनहित याचिका पर दिया गया। याचिका में यह मुद्दा उठाया गया था कि सूचना अधिकारी और अन्य प्राधिकरण आरटीआई एक्ट के तहत सूचना आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों जैसे ईमेल और पेनड्राइव में उपलब्ध नहीं करा रहे हैं, जबकि एक्ट में इसकी व्यवस्था है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि आरटीआई ...
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