नई दिल्ली, जनवरी 16 -- सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि आरक्षित श्रेणी के उन अभ्यर्थियों को अनारक्षित सीट पर समायोजित किया जाना चाहिए, जिन्होंने सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित कटऑफ अंक से अधिक अंक हासिल किए हैं। न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा ने इस ऐतिहासिक कानूनी सिद्धांत की पुष्टि करते हुए कहा कि यह अब कानून का एक स्थापित सिद्धांत है कि आरक्षित श्रेणी एससी, एसटी और ओबीसी से जुड़े उस अभ्यर्थी को खुले या अनारक्षित रिक्त पद पर भर्ती के लिए योग्य माना जाएगा, जिसने सामान्य श्रेणी के लिए निर्धारित कट-ऑफ अंकों से अधिक अंक हासिल किए हैं। पीठ ने केरल हाईकोर्ट के साल 2020 के फैसले को रद्द करते हुए यह टिप्पणी की। हाईकोर्ट ने भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) को एक अनारक्षित उम्मीदवार को सामान्य सूची से मेधावी आरक्...