लखनऊ, मई 21 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता प्रदेश के अनुदानित मदरसों के प्रबंधकों के नाम मांगे जाने की सूचना की सुनवाई कर रहे राज्य सूचना आयोग के सामने गलत बयानी मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार को भारी पड़ गई। राज्य सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की पीठ ने आयोग को गुमराह करने के आरोप में उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि उन पर 25 हजार रुपये का दंड क्यों लगा दिया जाए? बुधवार को रजिस्ट्रार की तरफ से सूचना आयुक्त नदीम की पीठ के सामने जवाब दाखिल किया गया कि अनुदानित मदरसों के प्रबंधकों के नाम पहले से ही पब्लिक डोमेन में हैं। जब बोर्ड का पोर्टल उसी वक्त खोला गया तो पता चला कि उसे लॉगइन आईडी के बाद ही खोला जा सकता है। इस पर नदीम ने कहा कि यह कैसा पब्लिक डोमेन हुआ। वह मदरसा बोर्ड के प्रबंधकों के नाम सार्वजनिक किए जाने संबंधी सूचना पर सुनवाई कर रहे थे। उन...
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