बिजनौर, जनवरी 6 -- आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की जांच के घेरे में एक और अस्पताल नजर आ रहा है। पूर्व में जहां छह निजी अस्पताल निलम्बित हो चुके हैं, वहीं मंगलवार को आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद टीबी की रोगी महिला के इलाज के लिए रुपए वसूलने के आरोप में डा. अवधेश वशिष्ठ तलब किए गए। उक्त महिला की मौत हो गई थी तथा बकाया रुपये न दे पाने पर शव परिजनों को न दिए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा हुआ था। गौरतलब है, कि वर्तमान में जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज देने के लिए 95 निजी और 31 सरकारी अस्पताल अधिकृत बताए जाते हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार विभिन्न अनियमितताओं के चलते पूर्व में यहां पर सुपर वेदांता हॉस्पिटल बिजनौर, कुंदन हॉस्पिटल बिजनौर, आयुष्मान हॉस्पिटल स्योहारा, उस्मानी नर्सिंग होम स्योहारा, एआईएम पारस हॉस्पिटल किरतपुर तथा यूनिक हॉस्प...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.