फरीदाबाद, जून 24 -- फरीदाबाद, वरिष्ठ संवाददाता। आयुष्मान योजना के लाभार्थी निजी अस्पतालों में उपचार के लिए भटकना पड़ रहा है। आयुष्मान योजना के पैनल में शामिल अस्पताल उपचार देने से बच रहे हैं। इसकी मुख्य वजह से सरकार द्वारा उपचार की धनराशि समय से भुगतान नहीं किया जाना है। ऐसे में स्मार्ट सिटी के आयुष्मान के लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। स्मार्ट सिटी में आयुष्मान योजना के करीब चार लाख 65 हजार लाभार्थी हैं। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निजी अस्पतालों में उपचार मुहैया कराने के उद्देश्य से आयुष्मान योजना शुरू की थी। इस योजना में शामिल व्यक्ति पैनल में शामिल अस्पताल में पांच लाख रुपये तक का उपचार बिल्कुल निशुल्क करवा सकते हैं। सरकार निजी अस्पतालों को उपचार का भुगतान करती है। शुरुआत में यह योजना बहुत ही अच्छी साबित हुई थी...
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