पीलीभीत, नवम्बर 11 -- पीलीभीत। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि आयुर्वेद विश्व की प्राचीनतम चिकित्सा पद्धति है जो दस हजार वर्ष से भारतीय भूभाग में व्यवहार में है। यह चिकित्सा पद्धति पूर्णत: वैज्ञानिक है, जिसके सिद्धांत वैदिक वाडमय से लेकर संहिता ग्रंथों तक विस्तार रूप से उपलब्ध है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति का प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है। वह ललित हरि राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय में बीएएमएस एवं एमडी आयुर्वेद पाठ्यक्रमों में नवप्रवेशित छात्रों के ट्रांजीशनल करीकुलम के प्रारंभ अवसर पर उद्घाट सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयुर्वेद की औषधियों के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय को जलाने वाले बख्तियार खिलजी को भी स्वयं की चिकित्सा के लिए आयुर्वेद की शरण लेनी पड़ी थी और आयुर्वेद चिकित्सा से ही वह पुन: स्वस्थ हुआ थ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.