बदायूं, नवम्बर 18 -- बदायूं। राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस जरूर है लेकिन इस पद्धति और चिकित्सा उपचार की ओर हमें आगे बढ़ना है। तभी स्वस्थ्य शरीर और सेहत में सुधार हो पायेगा। इसके लिए प्राइवेट क्षेत्र में तो तमाम दबाएं व डाक्टरों क्लीनिक खोले हुए हैं। हालात यह हैं कि डिस्पेंशनरी पर दवाएं तक वितरण के लिए भरपूर उपलब्ध नहीं है। जनपद में आयुर्वेदिक के अस्पतालों पर दवाओं का संकट चल रहा है। जिले में आयुर्वेदिक दवाओं के 26 अस्पताल संचालित हैं और 11 डाक्टरों की तैनाती है। इसी बीच अस्पतालों पर संचालित डिस्पेंशनरी पर दवाओं का संकट बना हुआ है। आयुर्वेदिक की तमाम दबाएं उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को आधी अधूरी औषधियां व दबाएं मिल रही हैं और आधी अधूरी दबाएं मिल पा रही है। ऐसे में मरीजों को पर्ची बाहर की लिख दी जाती है फिर मरीज प्राइवेट में दवा के लिए भटक...
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