लखनऊ, जनवरी 31 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता देश के आम बजट में बिजली कर्मचारियों की निगाहें ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण और विद्युत संशोधन बिल पर होंगी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने दावा किया है कि 30 जनवरी को लोकसभा में संशोधन बिल का विवरण रखा जा चुका है। आशंका जताई जा रही है कि बेलआउट पैकेज के मार्फत बजट में निजीकरण के रास्ते खोले जा सकते हैं। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ऐसा करती है तो बिजली कर्मचारी अपनी पहले की घोषणा के मुताबिक तत्काल प्रभाव से विरोध प्रदर्शन को बाध्य होंगे। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को केंद्रीय विद्युत राज्य मंत्री यशोपाद नायक ने लोकसभा में संशोधन बिल के ड्राफ्ट का विवरण साझा किया। इससे संकेत मिलता है कि आम बजट या बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को पारित करवाया जा सकता है।

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