भागलपुर, अप्रैल 6 -- भागलपुर, कार्यालय संवाददाता मौसम में ताप की वृद्धि हो रही है। इस कारण आम और लीची की फसलों को लेकर किसान परेशान होने लगे हैं। कई इलाकों में मधु और लाल धारीदार फल बेधक कीट का प्रकोप शुरू हो गया है। जो आम की फसल के लिए कतई सही नहीं है। इसको लेकर बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर के कीट विज्ञान विभाग द्वारा आम और लीची किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की गई है। समस्या की जानकारी होते ही कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने सूचना जारी करा दी है। कीट विज्ञान विभाग की हेड किरण कुमारी ने बताया कि मधुआ कीट को भूरा तना मधुआ कीट भी कहते हैं। यह आम के लिए नुकसानदायक होता है। यह कीट मंजर, पत्तियों और तनों का रस चूसकर फसल को बर्बाद कर देता है। मधुआ के प्रकोप से फल और पत्तियों पर शहद जैसा पदार्थ लग जाता है। इसके बाद उसमें फफूंदी लग ...
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