धनबाद, फरवरी 1 -- बलियापुर, प्रतिनिधि। आमझर में रविवार को आदिवासियों का कराम महोत्सव धूमधाम से हुआ। कार्यक्रम का प्रारंभ लखिराम मुर्मू के कुलदेवता मारांग बुरूंग के स्मरण से हुआ। अवकाशप्राप्त शिक्षक चंद्रकांत बास्की ने कहा कि संस्कृति ही हमारी पहचान है। परंपराओं को बचाऐ रखने की जरूरत है। मौके पर टुंडी की टीम की ओर से रंगारंग संथाली नृत्यगीत हुआ। कार्यक्रम प्रारंभ होते ही दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। दर्शक संथाली नृत्यगीत पर झूम उठे। कलाकारों ने नृत्यगीत के माध्यम से लोगों को बांधे रखा। विधायक प्रतिनिधि राजेश रविदास, पूर्व मुखिया समीर कुमार मुर्मू, सुनील बास्की, प्रदुम्न बास्की, लखन बास्की, जितेश बास्की, महादेव बास्की, लखी बास्की, क्षमा बास्की, सुजाता देवी, सोनाराम मुर्मू, शक्ति मुर्मू, प्रेम टुडू आदि मौके पर थे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति स...